Saturday, 11 August 2018

ये प्रीत गीत

ये प्रीत गीत
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सुहाने गीत
हरपल गाऊंगा
बन जा मीत

सुर संगीत
मेरी है यह रीत
बन जा प्रीत

नैनों पलक
बिठाऊंगा तुमको
सांसों तलक

तेरे सपने
मानूंगा मैं सदा ही
मेरे सपने

सुनले यार
होकर वफादार
निभाना प्यार

बन बहार
मौसम ए जिंदगी
हो गुलज़ार

आ बांहों में
कांटे नही चुभेंगे
तेरी राहों में

मन सभीत
पर लिखता तुझे
ये प्रीत गीत

रचना: विरेन्द्र कुमार साहू
       बोडराबांधा (पाण्डुका)
          9993690899




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