सरसी छंद :- चलौ पढ़े ला छत्तीसगढ़ी रचना
चलौ पढ़े ला शाला जाबो ,
हो जा झट तइयार।
पढ़बो लिखबो तभ्भे खुलही ,
हमर भाग के द्वार।।
जतन करौ सब पढ़इ लिखइ के ,
बुध-बल होही पोठ।
मिलथे सब सुख पढ़े लिखे ले ,
सोला आना गोठ।।
गढ़व कहानी अपन सियानी ,
शिक्षा गंगा नीर।
भागीरथ बन मिहनत करले ,
बदल जही तकदीर।।
डगर कठिन शिक्षा के लेकिन ,
हे जिनगी सुख सार।
मिहनत के फल आज नहीं कल,
मिलही छप्पर फार।।
नोनी ला घलु शिक्षा देवौ ,
बदलौ जुन्ना रीत।
अक्षर अक्षर पढ़के बेटी ,
जाही दुनिया जीत।।
करौ ज्ञान रूपी गहना ले ,
बेटी के सिंगार।
येहर आवय सुग्घर गहना ,
जस हीरा के हार।।
जतन करौ शिक्षा के बढ़िया ,
बनके सारद - पूत।
सम्बल होही मन मंदिर हा ,
भागहि भय के भूत।।
छंदकार :-
विरेन्द्र कुमार साहू
ग्राम - बोडराबांधा (पाण्डुका)
वि.स. - राजिम जिला -गरियाबंद
छत्तीसगढ़ , मो. 9993690899
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