Thursday, 27 June 2019

रानी दुर्गावती बरवै छंद छत्तीसगढ़ी


रानी दुर्गावती के गान बरवै छंद मा

कालिंजर    के  राजा , कीर्ति   महान।
दुर्गावती       सुकन्या , तेखर     जान।।

शौर्य तेज  साहस के , रहिस   खदान।
दुर्गावती   ह नारी , वीर          महान।।

आश्रित   जन के   हरदम , टारे   पीर।
रानी    दुर्गा    सचमुच , नारी      वीर।।

राज    गोड़वाना   के  , एक     प्रदेश।
नाम रहय  गढ़मँडला , ख्याति  विशेष।।

वीर     प्रतापी    राजा , दलपत   शाह।
दुर्गावती    दुलौरिन  , करिस    विवाह।।

दलपत राजा तज दिस , असमय प्रान।
दुर्गावती       चलाइस , राज    कमान।।

जम्मों के  हित करना  , कारज   एक।
कुआं बावली  शाला , बनिस   अनेक।।

मुगल करिस जब युद्ध म , राज्य प्रवेश।
भिड़गे   दुर्गा   धरके   , नर   के   भेष।।

भुजा  आँख   टोंटा   मा , लगगे   तीर।
पाय   वीरगति   रानी  , बनके     वीर।।

मुगल   युद्ध मा   रानी , तज दिस प्रान।
विरांगना    दुर्गा   के , अमर     निशान।।

छंदकार : विरेन्द्र कुमार साहू
ग्राम  - बोडराबांधा (पाण्डुका)
वि.स. - राजिम जिला -गरियाबंद
छत्तीसगढ़ , मो. 9993690899

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