मी. २२१ - २१२२ - २२१ - २१२२
* गीत : फागुन तिहार आगे *
बगिया बहार छागे फागुन तिहार आगे।
सरसों कछार झूमे परसा गुलाल लागे।
बगिया बहार छागे फागुन तिहार आगे॥
सजनी सिंगार साजे साजन के बाट जोहे।
कोयल संगीत साजे कुहकत हे मनवा मोहे।
डोरी मया के बांधे , गावत बसंत आगे।
बगिया बहार छागे फागुन तिहार आगे॥
पींवर सोन्हा डारा ले अमुवा के शोभा बाढ़े।
सज धज के दुलहा राजा मड़वा के बीच ठाढ़े।
लहकत हे लीम डारा अड़बड़ खुशी समागे।
बगिया बहार छागे फागुन तिहार आगे॥
अरसी करय जी रुमझुम खलिहान मा इतराये।
पूर्वाही फाग गाये झूमे नाचे लहराये।
बाजा बाजे दमादम अंतस के जर जुड़ागे।
बगिया बहार छागे फागुन तिहार आगे॥
गीतकार : विरेन्द्र कुमार साहू "वीर"
बोड़राबाँधा (राजिम)
जिला : गरियाबंद (छ. ग.)
मो. 9993690899
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