Thursday, 27 June 2019

विरेन्द्र कुमार साहू परिचय दोहा

परिचय वाला अभ्यास!
१.
साहू लक्ष्मण  दाउ के , अँव   मैंहा  संतान।
दाई  नाव  भुनेश्वरी , सउहँत शक्ति समान॥
२.
हावव मैं बड़ भोकवा
निच्चट अड़हा मैं हवौं , हौं  हासी के  केंद्र।
रहिथौं राजिम क्षेत्र मा , हावय नाव  विरेंद्र॥
३.
तेल  पेरना  आय  जी , हम तेली  सो काम।
जाँगर कनिहा तोड़ के , लेथन वाजिब दाम॥
४.
सेवा  हे   संस्कार  बर , देथौं    शिक्षा  ज्ञान।
शिक्षक कवि के रूप मा,हवय मोर पहिचान॥
५.
करिया हाबे तन  भले , मन  के हावौं साफ।
गलती यदि कुछ हो जही,करहू मोला माफ॥

साधक : विरेन्द्र कुमार साहू

ढूंढ  मिलेगा  निश्चित  तुम्हें , माँ के चरणों  में स्वर्ग।
ना हो सच यदि यह बात तो , कायम कर देना मर्ग॥

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