आदरणीय गुरुदेव चोवाराम बादल जी जन्मदिन के बधाई!
आपके बड़प्पन बर दू डाँड़:- दोहा
बड़का खुद ला कब कथे , मैं हा बड़का आँव।
फेर सबो झन जानथे , पीपर देथे छाँव।।
रोला :- व्यक्तित्व पर चार डाँड़
बादल चोवाराम , उड़ेला गाँव निवासी।
समझै उन साहित्य , अपन बर गंगा काशी।
बनके साधक छंद , रचे कविता कल्याणी।
सहज सरल हे व्यक्ति , बड़ा गुरतुर हे वाणी।।
मई माह इक्कीस , रहय दिन बादर बढ़िया।
देवसिंग घर आज , पहुँचगे एक नगरिया।
गोरस धार पियाय , सोन कुंवर महतारी।
खुशी मनावय खास , उड़ेला के नर नारी।।
शुभकामना के शब्द :- उल्लाला
बनके बादल बरसत हवय ,
जेन शिष्य कल्याण बर।
हे परमेश्वर करबे कृपा ,
अइसन व्यक्ति महान बर।।
बाधा झन आवै कभू , जिनगी के रफ्तार मा।
मिलय सबे शुभ चीज हा , तोला जी उपहार मा।।
कांटा खूँटी ले कभू , होय तोर झन सामना।
सदा सलामत प्रभु रखय , इही हमर शुभकामना।।
साधक : विरेन्द्र कुमार साहू
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